जब बापू मेरा पगलाता है।
घर में भाई बहनों के संग मेरी भी बैंड बजाता है।
जब हम कुछ नया अगर सोंचे
तो हमको नादान बताता है
हर नये काम में अक्सर वह
बुनियादी कमी बताता है
जब बापू मेरा पगलाता है।
बाइक और कार की चाबी वह
लगी छोड़ कर आता है
फिर अगली सुबह ना मिलने पर
मेरे उपर चिल्लाता है।
जब बापू मेरा पगलाता है।
उसकी मर्जी के अलग कहीं
गर खाने में कुछ बन जाता है
मेरी माँ के मुँह पर तब वह
थाली को राॅकेट बनाता है।
जब बापू मेरा पगलाता है।।
सारे बेहूदा कामों को वो
मेरे जिम्मे कर जाता है
उसके चक्कर मेें मेरा सब
टाइम खराब हो जाता है।
जब बापू मेरा पगलाता है।।
काम खत्म हो जाने पर
जब दफतर से घर वो आता है
दूजों से पैसे माँग के वह
एक दारू की बोतल लाता है
खाने से पहले उसमें से दो
पटियाला पैग बनाता है
जब बापू मेरा पगलाता है।।
फिर मेरी माँ के उपर वह
पूरे दम से चिल्लाता है
जब बापू मेरा पगलाता है।।
घर में भाई बहनों के संग मेरी भी बैंड बजाता है।
जब हम कुछ नया अगर सोंचे
तो हमको नादान बताता है
हर नये काम में अक्सर वह
बुनियादी कमी बताता है
जब बापू मेरा पगलाता है।
बाइक और कार की चाबी वह
लगी छोड़ कर आता है
फिर अगली सुबह ना मिलने पर
मेरे उपर चिल्लाता है।
जब बापू मेरा पगलाता है।
उसकी मर्जी के अलग कहीं
गर खाने में कुछ बन जाता है
मेरी माँ के मुँह पर तब वह
थाली को राॅकेट बनाता है।
जब बापू मेरा पगलाता है।।
सारे बेहूदा कामों को वो
मेरे जिम्मे कर जाता है
उसके चक्कर मेें मेरा सब
टाइम खराब हो जाता है।
जब बापू मेरा पगलाता है।।
काम खत्म हो जाने पर
जब दफतर से घर वो आता है
दूजों से पैसे माँग के वह
एक दारू की बोतल लाता है
खाने से पहले उसमें से दो
पटियाला पैग बनाता है
जब बापू मेरा पगलाता है।।
फिर मेरी माँ के उपर वह
पूरे दम से चिल्लाता है
जब बापू मेरा पगलाता है।।
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