एक चुप हजार चुप
वह था बार-बार चुप
हर तरह की हलचलों पे
मेरा प्यारा यार चुप
एक चुप...........
आत्मा से जल रहा था
दर्द से पिघल रहा था
मौत पास आ गयी
पता उसे ये चल रहा था
साथ में खड़ा अधेरा
उसको लीलता था घुप
एक चुप हजार चुप
वह था बार-बार चुप
लक्ष्य के मुहाने पर
पहुँच चुका था वो तुरूप
आत्मा ने बोला तब
फायदा नहीं है अब कुछ
एक चुप......
वह था बार-बार चुप ।।
वह था बार-बार चुप
हर तरह की हलचलों पे
मेरा प्यारा यार चुप
एक चुप...........
आत्मा से जल रहा था
दर्द से पिघल रहा था
मौत पास आ गयी
पता उसे ये चल रहा था
साथ में खड़ा अधेरा
उसको लीलता था घुप
एक चुप हजार चुप
वह था बार-बार चुप
लक्ष्य के मुहाने पर
पहुँच चुका था वो तुरूप
आत्मा ने बोला तब
फायदा नहीं है अब कुछ
एक चुप......
वह था बार-बार चुप ।।
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