गर मैं राजा बनूँगा कभी तो
नाम तेरा निसाबों में होगा
अपने बारे में चर्चा शहर के
सारे चर्चित खराबों में होगा ।।
गर मैं राजा.....
शब जो आये तो आने दो उसको
शामियाना तो आबाद होगा
गर अंधेरे ने जुर्रत करी तो
उसका लहू फिर चिरागों में होगा।।
गर मैं राजा......
लांघ जायेगें हम सारी हद को
खूबसूरत वो अगाज होगा
जो पहँुचना जहाँ चाहेगा फिर
पैरवी का ना मोहताज होगा।।
गर मैं राजा.....
फूलों से सब दुकाने भरेंगी
खुशबुओं का ही बाजार होगा
सब हाथ में हाथ डाले चलेंगें
न कत्ल का कोई औजार होगा।।
गर मैं राजा..........
नाम तेरा निसाबों में होगा
अपने बारे में चर्चा शहर के
सारे चर्चित खराबों में होगा ।।
गर मैं राजा.....
शब जो आये तो आने दो उसको
शामियाना तो आबाद होगा
गर अंधेरे ने जुर्रत करी तो
उसका लहू फिर चिरागों में होगा।।
गर मैं राजा......
लांघ जायेगें हम सारी हद को
खूबसूरत वो अगाज होगा
जो पहँुचना जहाँ चाहेगा फिर
पैरवी का ना मोहताज होगा।।
गर मैं राजा.....
फूलों से सब दुकाने भरेंगी
खुशबुओं का ही बाजार होगा
सब हाथ में हाथ डाले चलेंगें
न कत्ल का कोई औजार होगा।।
गर मैं राजा..........
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